● सीख ●

” साब मैं वहीं था मैंने देखा कि कजरी लकड़ी का गठ्ठर सिर पर लादे गोद में अपने छोरे कलुआ को लिये जा रही थी …सामने से आती मोटरगाड़ी में बैठे दो बाबु साब और तीन मेमसाब ने इसे रोक कर इसके फोटू खींचे ..एक मेम साब लकड़ी का गट्ठर सिर पर रखकर अपने फोटु खिंचवाने लगी ..बाबु साब ने मेम साब को कहा कि कलुआ को भी गोद में लो ..इस पर मेम साब नाक-भौं सिकोड़ने लगी .. बस साब इसी बात से हंसती मुस्कुराती कजरी उखड़ सी गई थी ..फिर मेम साब ने मोटर में बैठे पालतू कुत्ते के पिल्ले के साथ फोटु खिंचवाया और हंसी मजाक में उस पिल्ले को कजरी के कलुआ से साफ सुथरा बताने लगी तो कजरी ने इनकी टाट पर पत्थर दे मारा था .. ” 
टेबल के उस पार कुर्सी पर बैठा मैं ..हवलदार केशरीमल अपनी दाइं तरफ उकड़ू बैठे हरिया का बयान लिख रहा था | दो युवक और तीन युवतियां कुर्सियों पर विराजमान थे जिसमें से एक युवती के सिर पर पट्टी बंधी थी और एक युवक का हाथ शायद चोटिल था उसके गले में पट्टी डालकर हाथ लटकाया हुआ था | दूसरी तरफ एक सांवली सी इकहरे बदन की लड़की ग्रामीण वेशभूषा में आलथी-पालथी मार कर बैठी खूंखार आँखों से उन पांचों को देख रही थी उसकी गोद में सालएक का बच्चा सो रहा था और उसके पास ही लकड़ियों का गठ्ठर पड़ा था 

“…जैसे ही कजरी ने वार किया तो यह वाले साब ने आकर कजरी को थप्पड़ मारा और गोद में से कलुआ को खींचने की कोशिश करने लगे तब कजरी ने इन साब का हाथ अपने एक हाथ से मरोड़ कर पीठ से लगा दिया ..तो टूट गया होगा ..फिर कजरी ने पत्थर उठा कर मोटर गाड़ी  पर दे मारा तो ..शीशा  फूट गया ..”  हरिया ने बयान पूरा किया | 

“इस लड़की को अरेस्ट करो अभी के अभी वर्ना मुझे सुजीत कुमार कहते हैं ..वर्दी उतरवा दूंगा.. पूरे देश में मेरे फैन हैं ..”  टूटे हाथ वाला युवक नथूने फुलाता हुआ मुझसे मुखातिब था 

“.. मि0 सुजीत कुमार ..जो फिल्मों में पांच सात गुंडों को अकेला मार कर हीरोइन को बचाता है वो चार जनों के साथ होते हुए एक अकेली लड़की से अपनी साथी कलाकार को नहीं बचा पाया बल्कि अपना ही हाथ तुड़वा बैठा …” मैंने उसकी आँखों में गौर से देखते हुए कहा   “..इसे सजा होगी या नहीं यह अदालत तय करेगी पर यह न्यूज सभी चैनलों पर जब आएगी तो आपकी एक्सन सुपरस्टार की दुकान को ताला लगना तय है ..” 

” ठ.. ठीक है ठीक है ..ज्यादा ज्ञान मत दो ..इससे कहो माफ़ी मांगले ..हम मामले को यहीं खतम कर देंगे ..” वो आँख चुरा रहा था 

“हम्म..  ठीक है कजरी माफ़ी मांग लेगी लेकिन ..” मैंने कजरी की तरफ देखा वो नकारात्मक ढंग से जोर से गर्दन हिला रही थी मैंने जारी रहते हुए कहा  “..इसकी एक शर्त है ..आप सब इसके बकरी के बच्चे को गोद में लेकर इसके साथ फोटो   खिंचवायेंगे ” 

कजरी के चेहरे पर विजेताओं वाला भाव था और वो पांचों  भी कुछ हिचकिचाहट के साथ सहमत से लग रहे थे  |

                ● सब इंस्पेक्टर केशरीमल अपने सामने बैठे नवनियुक्त एस आई  कृपाशंकर थानवी से सम्बोधित था –

“यह थी सत्रह साल पुरानी मिल्किपुरा थाने की मेरी एक स्मृति ..तो तुम  ने क्या सीखा ?”  

” आपसी समझाइस से निपट सकने वाले मामले को वहीं निपटा देना चाहिये ..” 

“ऑफ़ द रिकॉर्ड बता देता हूँ कि ..अगर सफल होना हो तो मेरे तरीके काम में मत लेना ..ऐसे कई मामलों क़ी अगर मैंने अपनी 31 वर्ष की सेवा में  चुपचाप एफआईआर लिख ली होती तो शायद मैं सब इंस्पेक्टर की बजाय आज  सीओ होता ..जो किस्सा मैंने तुम्हे सुनाया उसमें आगे यह हुआ था कि सारा मामला जब निपट ही रहा था तभी तब के थानाधिकारी मल्होत्रा साहब थाने में आ गए थे  ..उन्होंने आते ही कजरी को अंदर कर दिया और फ़िल्मी कलाकारों को खुश करने में लग गये ..मीडिया में न्यूज न आने देने का वादा करते हुए रिपोर्ट दर्ज करके उनसे अमीर भी हुए और न्यूज फ्लैश करवा कर  नेशनल टीवी पर चर्चित रहे सो अलग…वो आज एडिसनल एस0पी0 है और मैं तब का हवलदार आज सब इंस्पेक्टर ही बन पाया हूँ |” 

कृपाशंकर अवाक् था |

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s