● अनुभव ●

व्यस्त महानगर की वो एक सुस्ताती सी रात थी | सड़क दिनभर की दौड़धूप से थकी अलसाई सी पड़ी थी जिसके किनारे पावभाजी आलूटिक्का पानीपुड़ी इत्यादि के खोखे और रेहड़ियां सोई हुई बिल्ली के पास चूहों की तरह निकल आए थे |
दस बरस का कालू पूरे दिन कचरा बीनने के बाद कचरे का झोला कांधे पर डाले पप्पू कबाड़ी के गोदाम के तीन चक्कर लगाने के बाद थक हार के पाव भाजी के उस खोखे के सामने के अँधेरे कोने में पिछले एक घण्टे से खड़ा था | पप्पू कबाड़ी ने आज गोदाम नहीं खोला था इसलिये कचरा बिकने से मिलने वाले दस बारह रुपये भी नहीं मिल पाए थे | भूख के मारे उसका दम निकला जा रहा था | आज शुबह से ही दिन खराब रहा था | जग्गू का ढाबा भी आज पता नहीं क्यों बंद रहा था नहीं तो ढाबे की झूठन में भूरी कुतिया और उसके पिल्लों से बचा कर कुछ टुकड़े मिल जाया करते हैं | भूरी को तो कुछ लोग घरों से भी रोटियां डाल जाते हैं लेकिन उन रोटियों को वो वहीं खड़े होकर अपने सामने ही खिलाते हैं ..एक बार उसने उन टुकड़ों में हाथ डाला था तब भूरी ने तो कुछ विरोध नहीं किया था पर रोटियां डालने वाले उस बड़े से टीके वाले अंकल ने बहुत जोर की लात मार दी थी ..तब से उन टुकड़ों पर नियत मैली करनी छोड़ दी थी |

पाव भाजी की झूठन कोई प्लेट में छोड़ ही नहीं रहा था | उसका अनुभव कहता था कि जब कोई बच्चा किसीके साथ आएगा तभी झूठन मिलेगी |

खोखे पर टीवी चल रही थी जो उसे उसके छुपने के अँधेरे कोने से साफ दिख रही थी | कपिल का शो आ रहा था और आज शाहरुख़ खान आया हुआ था जो उसे भी बहुत पसंद था पर मारे भूख के उसका ध्यान शो पर लग ही नहीं रहा था | तभी एक मोटरसाइकिल पर एक आदमी और औरत दो बच्चों के साथ आये | उसका सारा ध्यान बच्चों पर केंद्रित हो गया ..एक लड़की थी बारह तेरह साल की जो कि काफी मोटी सी थी लेकिन दूसरा लड़का था जो कि आठ एक साल का मरियल था .. उसी लड़के पर उसकी उम्मीद बन गई क्योंकि उसका अनुभव था कि ये पूरी प्लेट नहीं खा पायेगा और झूठन उसके हिस्से आएगी | उन लोगों ने चार प्लेट ली और उसका अनुभव सही साबित हुआ लड़के ने आधी प्लेट खाकर छोड़ दी थी | यही सबसे होशियारी का समय होता है | अगर जल्दबाजी में खोखे के पास रखे झूठी प्लेटों के टब में झपटा मार दिया जाये तो प्लेट धोने वाला मुच्छड़ तगड़ी मार लगा सकता है और रोड़ पर दूर तक खदेड़ सकता है | उसने इंतजार किया | मुच्छड़ नें प्लेटें धोना शुरू किया और बची हुई पाव भाजी नाली में फैंकने ही लगा था कि वो अपना कटोरा लेकर उसके सामने खड़ा हो गया | मुच्छड़ ने वो प्लेट उसके कटोरे में उड़ेल दी |

वो कटोरा लेकर वापिस अँधेरे कोने में अपने झोले की टेक लगा कर बैठ गया और बहुत धीरे धीरे स्वाद लेकर खाने लगा | उसने टीवी पर देखा एक औरत शाहरुख़ खान के लिये गुजराती खाने से भरी ट्रॉली लाई थी ..वो उसे चखने के लिये रिक्वेस्ट कर रही थी .. शाहरुख़ ने चख कर कहा कि खाना बढ़िया है और शो खतम होने पर जरूर खायेगा ..उसने देखा कि सुनकर वो औरत निहाल हो गई थी..झुक झुक कर सलाम कर रही थी ..तभी उसने देखा एक और मरियल सा बच्चा अपने माँ बाप के साथ खोखे पर फिर पहुंचा था ..वो फिर से सावधान हो गया..

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